गरीबों को दान देने वाले दाताओ के लिए शायरी - दान शायरी : दान पर शायरी - शायरज़ादा

Charity Shayari in Hindi:- By giving donations, the greed inside the person is eliminated. Donating to the right person is a very virtuous work, it brings peace and inner happiness to the mind. The donor remains happy and prosperous all his life.

दान शायरी:- दान देने से इंसान के अंदर का लालच खत्म हो जाता हैं. उचित व्यक्ति को दान देना एक बहुत ही पुण्य का काम होता हैं इससे मन को शन्ति और आंतरिक ख़ुशी मिलती हैं. दान करने वाला अपने पूरे जीवन सुखी और समृद्ध रहता हैं.


दान शायरी : दान पर शायरी गरीबों को दान देने वाले दाताओ के लिए शायरी
गरीबों को दान देने वाले दाताओ के लिए शायरी


जिस प्रकार आपस में बांटने से खुशियाँ दुगनी हो जाती हैं, उसी प्रकार कुछ राशि दान करने से हमारी संपत्ति कम नहीं हो जाती है... दान भी एक तरह से उपासना है, भक्ति का ही दूसरा रूप है, यही मानवता व आपके अच्छे होने का स्वरूप है।
उचित समय पर किया दान, मनुष्यों के दुखों को कम करता है, हम देश से यदि सच्चा प्रेम करते हैं, तो अपने देश के लोगों के लिए कुछ राशि का दे दान, समृद्धि तो आप से प्रार्थना करती है, क्योंकि उसने भी किया है इसमें थोड़ा सा योगदान🙏"




गरीबों को दान देने वाले दाताओ के लिए शायरी



रक्त का कण-कण
और
आयु का क्षण-क्षण

"ऐसा हो अपने जीवन का देश के प्रति समर्पण"

रजाई कम्बल बाँट गये गरीबों में मगर

खुद को अमीर बताने को तस्विरें चिपका दी



वो मेरी देह को
एक मंदिर  कहता था
और मुझे देवी

करता था  पूजा
एकांत में
देवी की?
या मंदिर की?
पता नहीं

पर  जाने से पहले
कर जाता था

गुप्त दान।



विचित्र है ना....
कन्याओं को दान देते देते एक दिन

कन्याओं का ही दान कर देते हैं हम


दान की महिमा पर कविता

यहाँ दान दक्षिणा दे दे कर सब मन्दिर की गुल्लकें भर रहें हैं,
और उसी मन्दिर की सीढ़ियों पे ग़रीब खाने की मिन्नतें कर रहें हैं।
सब सोचते हैं इतनी पूजा से भी क्यों भगवान नही है सुन रहे,
अरे वो बाप कैसे ख़ुश होयेगा जिसके बच्चे भूख से मर रहे हैं।



भोजन का दान - कुछ पल
पैसों का दान - कुछ दिन 
विद्या का दान - जीवन भरदान उसे दो जिसे जरूरत हो
उसे नहीं जिसे रात में पीने की आदत हो।



विवाहोपरांत प्रथम रात्रि में
जब आहट होती है द्वार
लजाई सकुचाई दुल्हन
तब खोलती है किवाड़..


हसरत थी दान कर दूँ अपना में सबकुछ,
लेकिन वो मंदिर कहीं नही मिला 
जहाँ दान कर सकूँ मैं अपना सबकुछ।


दान उसे दो जिसे जरूरत हो
उसे नहीं जिसे रात में पीने की आदत हो।



देव का गुण है 'दीपन' अर्थात प्रकाश करना | 
सूर्य , चन्द्रमा और अग्नि को प्रकाश करने के कारण देव कहते हैं | 
देव का कर्म है 'द्योतन' अर्थात सत्योपदेश करना | 
जो मनुष्य सत्य माने , सत्य बोले और सत्य ही करे , वह देव कहलाता है |



🌷 "देव" या "देवता" कौन ---?

'देव' या "देवता" शब्द के अनेक अर्थ हैं - " देवो दानाद् वा , दीपनाद् वा , द्योतनाद् वा , द्युस्थानो भवतीति वा | " ( निरुक्त - ७ / १५ ) तदनुसार 'देव' का लक्षण है 'दान' अर्थात देना | "जो सबके हितार्थ अपनी प्रिय से प्रिय वस्तु दान दे दे वह देव है" | 


महापुरुषों के लिए शायरी

 देव की विशेषता है 'द्युस्थान' अर्थात ऊपर स्थित होना | ब्रह्माण्ड में ऊपर स्थित होने से सूर्य को , समाज में ऊपर स्थित होने से विद्वान को , और राष्ट्र में ऊपर स्थित होने से राजा को भी देव कहते हैं | इस प्रकार 'देव' शब्द का प्रयोग जड़ और चेतन दोनों के लिए होता है |



जननी, जन्मभूमि से बढ़कर होता न कोई जीवन में,
समर्पित हो हर कर्म हमारा माँ के पावन चरणों में. 


समाज सेवा पर शायरी

तन-मन-धन का संगम, जो हो तुमको पाना,
दान,भजन और सेवा से,तत्पर हो हाथ मिलाना,
तन को करनें स्वच्छ, सेवा भाव हृदय में लाएं,
मन को करनें स्वच्छ, नित सुंदर भजन ही गाएं,
धन को  करनें स्वच्छ, दान पुण्य की नदी बहाएं,
जीवन बन जाए निश्छल, कुछ ऎसे कर्म कमाएं।


दान पर श्लोक

मैं न......
पतले बहुत पतले मुंह वाली
सुराही होना चाहती हूँ
जिसमें 
ब्रम्ह शक्ति रूपी जल निवास करे 
या फिर कोई 
निश्छल 
पवित्र प्रेम की धार ही 
प्रविष्ट कर सके
अन्य किसी ठोस पदार्थ का जाना 
संभव न हो
विनम्रता दयालुता के 
भावों से लिप्त 
सहृदय झुककर 
प्रेम बांटूँ 
और 
वितरण के वक्त 
पात्र की धातु रंग आकार आदि में 
तनिक मात्र भी भेद न करूँ।



सेवा धर्म परम गहन है, योगियों द्वारा अगम्य कर्म है,
सेवा धर्म कठिन जग जाना, यह कथन तुलसी नें माना,
भक्ति का सार है सेवा, प्रभुकृपा का आधार है सेवा,
विश्वबंधुत्व का विस्तार है सेवा, ब्रह्म सी निराकार है सेवा,
सेवा भाव वह दैव गुण है, सब सद्गुणों में उत्तम है,
दे शरीर दधीचि नें माना, यह उद्धात साधना अनुपम है।


दान शायरी | Charity Shayari


आगे आकर दान दें, जिनके होते भाव
श्रेष्ठ लगे कुबेर से निर्मल दिखे स्वभाव.
Charity Shayari


आज मिला अवसर करो, सार्थक अपना धन,
भाव बनाओ दान का, कर लो जीवन धन्य.
Donation Shayari



प्रेम से बड़ा कोई धर्म नहीं होता हैं,
दान से बड़ा कोई कर्म नहीं होता हैं.
पुण्य शायरी


दानी भी होते है एक तरह के सन्त,
दान देने से लालच का हो जाता है अन्त.
दानवीरों की शायरी


कद ऊँचा तो कर लिया, ऊँचे रखो विचार
दान धर्म जो ना किया, जीवन है बेकार.
चैरिटी शायरी



जन सेवा की भावना पर पीड़ा संताप,
ऐसे श्रेष्ठ अब कहाँ जैसे दानी आप.
दान के लिए शायरी



माया छाया होत है, घटती बढ़ती जात
दान करे से बढ़त है, बिना बाँटें घट जात.
दान की महिमा पर शायरी


सम्मान बढ़ता है देने से सम्मान,
धन बढ़ता है देने से दान.

अधिक धन होने से दान नहीं होता हैं,
बड़ा हृदय होने से दान होता हैं


वन्दन अभिनन्दन करे, धरा और आकाश
दान वीरता आपकी जग में हैं विख्यात.
Giving Shayari



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