Sad Shayari in Hindi 130+ Best & New Shayari Collection

Sad Shayari in Hindi 130+ Best & New Shayari Collection
Sad Shayari for girlfriend

कभी फुर्सत मिले तो सोचना जरूर,
एक लापरवाह लड़का क्यों तेरी परवाह करता था…

रहता तो नशा तेरी यादों का ही है,कोई पूछे तो कह देता हूँ पी राखी है।



मत पूछ मुझे………, क्या गम है!
तेरे वादे पे ज़िंदा हूँ, क्या कम है!!


वो सोचती होगी बड़े चैन से सो रहा हूँ मैं,
उसे क्या पता ओढ़ के चादर रो रहा हूँ मैं।


मुझे जिस चिराग से प्यार था…
मेरा सब कुछ उसी ने जला दिया…



निकाल दिया उसने हमें अपनी जिंदगी से, भीगे कागज़ की तरह,
न लिखने के काबिल छोड़ा न जलने के।



हम तो नरम पत्तों की शाख़ हुआ करते थे,
छीले इतने गए कि “खंज़र ” हो गए…



वजह तक पूछने का मौका ही ना मिला,
बस लम्हे गुजरते गए और हम अजनबी होते गए।



निकले हम दुनिया की भीड़ में तो पता चला की…
हर वह शख्स अकेला है, जिसने मोहब्बत की है!




अब मोहब्बत नहीं रही इस जमाने में,क्योंकि लोग अब मोहब्बत नहीं मज़ाक किया करते है।



पलकों की हद तोड़ के, दामन पे आ गिरा,
एक आसूं मेरे सब्र की, तोहीन कर गया।




अच्छा है आँसुओं का रंग नहीं होता,वरना सुबह के तकिये रात का हाल बयां कर देते।



टूटे हुए दिल भी धड़कते है उम्र भर,
चाहे किसी की याद में या फिर किसी फ़रियाद में!!




टूट कर चाहना और फिर टूट जाना,बात छोटी है मगर जान निकल जाती है।



हर दर्द का इलाज़ मिलता था जिस बाज़ार में,
मोहब्बत का नाम लिया तो दवाख़ाने बन्द हो गये!!



अभी एक टूटा तारा देखा, बिलकुल मेरे जैसा था,चाँद को कोई फर्क न पड़ा, बिलकुल तेरे जैसा था।



छोड़कर अपनी यादों की निशानियां मेरे दिल में,
वो भी चले गये वक्त की तरह।



सजा ये है की बंजर जमीन हूँ मैं,
और जुल्म ये है की बारिशों से इश्क़ हो गया।



तरस आता है मुझे अपनी, मासूम सी पलकों पर,
जब भीग कर कहती हैं कि अब, रोया नहीं जाता।




फ़रियाद कर रही है तरसी हुई निगाहें,किसी को देखे एक अरसा हो गया।



न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई,
न वो वापस लोटी, न मोहब्बत दोबारा हुई..




हमें देख कर जब उसने मुँह मोड़ लिया,एक तसल्ली हो गयी चलो पहचानते तो हैं।



मैं तो रह लूंगा तुझसे बिछड़ कर तन्हा भी,
बस दिल का सोचता हूँ, कहीं धडकना न छोड़ दे!!




सिर्फ हम ही है तेरे दिल में,बस यही गलतफहमी हमें बर्बाद कर गई।



छोड़ दिया हमने तेरे ख्यालों में जीना,
अब हम लोगों से नहीं, लोग हमसे मोहब्बत करते है।




मोहब्बत नही तो मुकदमा हि दायर कर दे जालिम,तारीख दर तारीख तेरा दीदार तो होगा।



मुस्कुराने की आदत भी कितनी महँगी पड़ी हमे,
छोड़ गया वो ये सोच कर की हम जुदाई मे भी खुश हैं!!



दुआ करना दम भी उसी तरह निकले,
जिस तरह तेरे दिल से हम निकले।



तलब ऐसी कि अपनी सांसों में समा लू तुझे,
किस्मत ऐसी कि देखने को भी मोहताज हूँ तुझे!!




दर्द मुझको ढूंढ लेता है, रोज नए बहाने से,वो हो गया वाकिफ़, मेरे हर ठिकाने से।



रहेगा किस्मत से यही गिला ज़िंदगी भर,
जिसको पल-पल चाहा उसी को पल-पल तरसे!!




कत्ल हुआ हमारा इस तरह किस्तों में,कभी खंजर बदल गए, कभी कातिल बदल गए।



उनसे मोहब्बत करते हैं मगर कभी कह नही पाए,
अकेले मे भी उनके ख्यालो के बिना कभी रह नही पाए, कितनी मोहब्बत करते हैं यह तो दिल ही जानता है, अब ज़िंदगी ख़तम होने को है जुदाई हम सह नही पाए.



ज़िंदगी मे मेरी अगर ना आप यू आए होते,
तो हम ज़िंदगी अपनी यू तन्हा ही बिताते, आपको देखकर दिल हमारा काबू मे ना रहा वरना हम किसी को ना कभी अपना बनाते.



तुम्हे पाने की खातिर हमदम,
देखना हम क्या से क्या कर जाएँगे, स आप अपने वादे पे कायम रहना, हम तो सारे जहाँ से लड़ जाएँगे.



बहुत समझाया मैने अपने नादान दिल को,
मगर ये शोलों से खेलने की ग़लती कर बैठा, बहुत रोका मैने दिल को मगर बाज ना आया, मगर फिर भी ये नादान मोहब्बत कर बैठा. 



वो इतनी हसीन थी ऐ मेरे यारो,
दिल को अब तक यकीन नही है, अब तो उनके बिन एक-एक पल सदियो सा है, उनके बिना अब कुछ चाहत नही है.



 तुम हमसे भले कितना ही खफा होती हो,
सब अच्छा लगता है जब पास होती हो, बाकी सारे नज़ारे सब अफ़साने लगते है झूठे से, दुनिया खूबसूरत लगती है जब साथ होती हो. 



 ऐसे धोखे खाए है हमने तेरी मोहब्बत मे,
हाल ए दिल अब किसी को मैं सुनाऊंगा कैसे, वादा किया है तुम्हारे संग जीने मरने का, इसी लिए खुद को मिटा पाउँगा मैं कैसे.


हर इंसान जहाँ मे हमें सच्चा नही लगा, हर दर भटकना इश्क़ मे हमें अच्छा नही लगा, हसीन बहुत चेहरे थे हसीनो के चमन में, मगर क्या करे कोई चेहरा हमें अच्छा नही लगा....



ज़िंदगी को अब और कितना सोचु मैं, मैं तो अभी से बेकरार होने लगा, ज़िंदगी से डर लगता है अब मुझे दोस्तो, मगर मुझे मौत से अब प्यार होने लगा.




बस इतना बहुत है हमारे लिए सनम मेरे, कि आपके होंठो पर नाम हमारा आया तो है, आपने हमसे मोहब्बत की हो या बेशक ना की हो, मगर आपने हमारे दिल को धड़कना सिखाया तो है




मैं कुछ सोचु भी तो सोच ना पाऊ,दिन रात बस ख्याल आपका रहता है,कैसे निभाएँगे हम वादा-ए-वफ़ा की कसमे, दिल में उभरता सवाल अब ये रहता है. 




ज़िंदगी में अगर कभी हम प्यार करेंगे, हर हाल में उस पे हम ऐतबार करेंगे, करेंगे हम पूरी हर ख्वाहिश-ओ-आरजू उसकी, है कसम खुदा की ना कभी हम तकरार करेंगे. 



अगर थक जाओ कभी तो हमसे कहना,
तुम्हारे कदमों मे फूलों के ढेर लगा देंगे, आप एक बार हमारी होकर तो देखिए, र ख़ुसी आपकी राहों में बिच्छा देंगे. 



हम आपकी इबादत करते हैं,
हम आप पर ही बस मरते हैं, हम को आपसे बहुत प्यार है, हम आपको कहने से डरते हैं.



घुट घुट के बहुत जी चुका यारो,
अब दिल मे मेरे कोई चाहत नही है, यह जो जख्म है दिल पे बेवफ़ाई के, इनपे दवा दुआ किसी से भी राहत नही है.



ये सच नही है ऐ मेरे दोस्त,
कि मैने कभी यहाँ प्यार नही किया,प्यार तो बहुत शिद्दत से किया था मगर, ये अलग बात उन्हे मुझसे प्यार नही हुआ.




हमने ज़िंदगी को सो बार आजमाया है, मगर हर बार मौत को करीब पाया है, चोट खाने का शौक तो देखिए हमारा, हमने आज टूटे हुए दिल को फिर लगाया है.



क्या करें हमारा दिल-ए-नादान ऐसा है, जो हर किसी पर ऐतबार कर लेता है,, इसीलिए टूट जाता है अक्सर मेरा दिल, क्योनि हर किसी से प्यार कर लेता है. 




दुनिया के नज़रो को मैं क्यू देखु, मुझे तेरे चेहरे से फ़ुर्सत कहाँ है, सागर की चाहत है की नदी से मिल जाए, उसको अब किनारों की ज़रूरत कहाँ है.



तुमसा हसीन ना देखा मैने,
सारा जहाँ देखा मैने, तेरी बाहों में आके सनम, सवर्ग सुहाना देखा मैने. 



तुझसे ये वादा है आज मेरा मेरे सनम,
ज़िंदगी के हर कदम पर तेरे साथ रहूँगा, भर दूँगा तेरा दामन मैं खुशियों से, तेरे खातिर तेरा हर गम मैं सहूँगा....

Post a Comment

0 Comments